About Us

कैरियर मंत्रा संस्थान की स्थापना वर्ष 2015 में एक बिलकुल भिन्न सोच और उद्देश्य के साथ की गई | इसकी स्थापना, संचालन और विस्तार की योजना के पीछे प्रबंधन-मंडली के छात्र-जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों और समस्याओं की महती भूमिका है |

इस संस्थान की रुपरेखा विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है | ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सारे ऐसे छात्र हैं जो आर्थिक दबाव के कारण शहरों में जाकर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती जो शहरी संस्थाओं के भारी भरकम फ़ीस को अदा कर सकें | ऐसे भी छात्रों की संख्या अत्यधिक है जो इस फ़ीस को तो अदा कर लेते हैं लेकिन हर महीने के खर्च से काफ़ी तनाव में रहते हैं | वर्तमान समय में किसी भी छात्र के लिए शहर में थोड़ी सी भी अच्छी स्थिति में गुजारा करने के लिए कम से कम 4000 से 5000 रूपए तक प्रति माह का खर्च आता है | फलतः उनका समय पढाई पर कम और इन समस्याओं के निपटारा में अधिक खर्च होता है | जबकि प्रतियोगिता परीक्षा आपसे एक निरंतरतापूर्ण तैयारी की अपेक्षा करता है | ऐसे भी अनेक छात्र हैं जो कुछ घरेलु कारणों से शहर जाकर नहीं पढाई कर पाते और उनकी प्रतिभा बर्बाद हो जाती है | विशेषकर महिला प्रतिभाओं के पास तो जैसे कोई विकल्प ही नहीं रह जाता |

उपर्युक्त समस्याओं के निराकरण और ग्रामीण प्रतिभाओं को उनके गाँव के समीप ही एक गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगिता मंच और वातावरण देने के उद्देश्य के साथ करियर मंत्रा की शुरुआत बिक्रम प्रखंड से की गई है, जो दुल्हिन बाजार के साथ-साथ अब विभिन्न प्रखंडों में विस्तार की ओर अग्रसर है, ताकि ये ग्रामीण प्रतिभाएं भी जीवन में अपना एक मुकाम प्राप्त कर सकें | इस संस्थान में वे सभी सुविधाएँ (Facilities), तकनीक (Techniques), प्राध्यापक (Faculties) और वातावरण (Environment) देने का प्रयास किया गया है जो एक अच्छे शहरी संस्थाओं में प्रदान किए जाते हैं |

Our successful aspirants

Gobind Kumar

Group D, Chennai

Guddu Kumar

ARMY Clerk

Kundan Kumar

Group D, Mumbai

Munna Kumar

Group D, Ahmedabad

Nikita Kumari

Assistant Executive

Ramesh Kumar

Bihar Police

Vikash Kumar

Indian ARMY

Ranjeet Kumar

Group D, Chennai
  • John H. W. Doe

    “Better than a thousand days of diligent study is one day with a great teacher.”

  • John H. W. Doe

    “Better than a thousand days of diligent study is one day with a great teacher.”

  • John H. W. Doe

    “Better than a thousand days of diligent study is one day with a great teacher.”